भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में बदलाव की तैयारी जोरों पर है।
अब तक जहां कंपनियां इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों पर काम कर रही थीं, वहीं अब महिंद्रा भी फ्लेक्स-फ्यूल इंजन के विकास में जुटी हुई है। कंपनी की योजना है कि आने वाले समय में उनकी SUVs फ्लेक्स-फ्यूल इंजन से लैस होंगी, जो खासकर E30 ब्लेंड को सपोर्ट करेंगी।
क्या है फ्लेक्स-फ्यूल इंजन?
फ्लेक्स-फ्यूल इंजन ऐसा इंजन होता है जो पेट्रोल और एथनॉल के मिश्रण (ब्लेंड) पर चल सकता है। भारत सरकार भी 20-30% एथनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा दे रही है, ताकि पेट्रोल पर निर्भरता कम हो और इंधन खर्च में बचत हो सके।
महिंद्रा की तैयारी
महिंद्रा ने कंफर्म किया है कि वह अपने फ्लेक्स-फ्यूल इंजन पर काम कर रही है।
- ये इंजन E30 ब्लेंड (30% एथनॉल + 70% पेट्रोल) को सपोर्ट करेगा।
- इससे SUVs का चलाना और भी सस्ता होगा।
- ग्राहक को माइलेज में फायदा मिलेगा और प्रदूषण भी कम होगा।
ग्राहकों को होगा फायदा
- कम खर्च: एथनॉल पेट्रोल की तुलना में सस्ता होता है, इसलिए फ्लेक्स-फ्यूल इंजन से जेब पर बोझ कम पड़ेगा।
- बेहतर माइलेज: इंजन को खास तरीके से डिजाइन किया जा रहा है ताकि परफॉर्मेंस और माइलेज दोनों अच्छे रहें।
- ग्रीन टेक्नोलॉजी: एथनॉल आधारित ईंधन से कार्बन उत्सर्जन भी घटेगा।
सरकार का फोकस
भारत सरकार लगातार एथनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा दे रही है। इससे एक तरफ किसानों को गन्ने जैसी फसलों का बेहतर दाम मिलेगा, दूसरी तरफ देश की तेल आयात पर निर्भरता भी घटेगी।